कुर्बानी का त्योहार जिम्मेदारी, सफाई और भाईचारे के साथ मनाएं : मौ. सलीम
ईद उल अजहा पर सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम की अपील — कुर्बानी को दिखावे नहीं, इबादत और इंसानियत का जरिया बनाएं
- By गुलज़ार अहमद --
- Sunday, 24 May, 2026
Global Star News
रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद
हरिद्वार। समाजसेवी मौ. सलीम ने ईद उल अजहा 2026 के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को दिली मुबारकबाद देते हुए लोगों से त्योहार को जिम्मेदारी, सादगी और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईद उल अजहा केवल कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत, मोहब्बत और दूसरों की भावनाओं के सम्मान का संदेश देने वाला महान त्योहार है।
मौ. सलीम ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बेहद समझदारी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर युवाओं से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के जानवरों की फोटो, वीडियो या सेल्फी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। साथ ही जानवर को जिब्ह करते समय की वीडियो बनाकर वायरल करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि कुर्बानी एक पाक इबादत है, इसे दिखावे या लोकप्रियता हासिल करने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की तस्वीरें और वीडियो कई बार दूसरे लोगों की भावनाओं को आहत कर देती हैं और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा कर सकती हैं। इसलिए हर व्यक्ति को ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे समाज में सौहार्द और सम्मान का माहौल बना रहे।
मौ. सलीम ने सफाई व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम में पाकीजगी और स्वच्छता को बेहद अहम माना गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी के दौरान सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलने दें। खून और जानवरों के अवशेष खुले में छोड़ने के बजाय उन्हें सही तरीके से जमीन में दबाया जाए या प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही डाला जाए, ताकि किसी को परेशानी न हो और वातावरण भी स्वच्छ बना रहे।
उन्होंने कहा कि ईद का असली मकसद खुशियां बांटना, जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में मोहब्बत को बढ़ावा देना है। हमें ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे पड़ोसियों या दूसरे समुदाय के लोगों को असुविधा या ठेस पहुंचे।
मौ. सलीम ने कहा कि “सच्चा इंसान वही है जिसके व्यवहार से दूसरे लोग खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस करें।” उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि इस ईद पर शांति, सफाई, संयम और भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश करें जो समाज को एक सकारात्मक संदेश दे।
अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को ईद उल अजहा 2026 की दिल से मुबारकबाद देते हुए अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ की।





