धनपुरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शाम ढलते ही नशेड़ियों का जमावड़ा, बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा
विद्यालय परिसर में शराब की बोतलें और नशे का सामान मिलने से ग्रामीणों में रोष, प्रशासन से गश्त और सख्
- By गुलज़ार अहमद --
- Wednesday, 06 May, 2026
रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद
हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम धनपुरा स्थित पीठ बाजार, शिव मंदिर के पास बने राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम होते ही विद्यालय परिसर नशा करने वालों का अड्डा बन जाता है। यहां खुलेआम शराब और अन्य प्रकार के नशे का सेवन किया जाता है। कई बार विद्यालय परिसर में पार्टी जैसी गतिविधियां भी देखने को मिलती हैं, जिससे क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस विद्यालय में दिन के समय छोटे-छोटे बच्चे और छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, उसी परिसर में रात के समय शराब की बोतलें, नशे के पैकेट और गंदगी फैली रहती है। अगले दिन यही दृश्य बच्चों के सामने आता है, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है और अब शैक्षणिक संस्थान भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में इसका गंभीर असर समाज पर पड़ सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद सलीम ने क्षेत्रवासियों से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक परिवार या व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने लोगों से युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने की भी अपील की।
वहीं, क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय परिसर में शाम के समय नियमित गश्त कराई जाए और नशा करने व बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम प्रधान से विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की गई है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
शिक्षा समाज की मजबूत नींव होती है और इसे इस प्रकार की असामाजिक गतिविधियों से सुरक्षित रखना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
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जिस स्कूल में बच्चे शिक्षा लेने आते हैं, वहीं शाम होते ही सज रही नशेड़ियों की महफिल।** “आज किसी और का बच्चा प्रभावित हो रहा है, कल यह समस्या हर घर तक पहुंच सकती है।”** स्थानीय लोगों ने शाम के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की उठाई मांग।** नशे के खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी जरूरी।





