राजाजी टाइगर रिजर्व में शादी विवाद पर बड़ी कार्रवाई
2 फॉरेस्ट गार्ड सस्पेंड, रेंजर और वन दरोगा हटाए गए
- By गुलज़ार अहमद --
- Friday, 01 May, 2026
Global Star News
रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद
हरिद्वार,।उत्तराखंड के चर्चित राजाजी टाइगर रिजर्व शादी विवाद मामले में वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने दो फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है, जबकि रेंजर और वन दरोगा को उनके पद से हटा दिया गया है।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही के आधार पर फॉरेस्ट गार्ड अमित सैनी और अभिषेक कंडारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। हरिद्वार रेंज के रेंजर महेश सेमवाल से चार्ज वापस ले लिया गया है, जबकि वन दरोगा अमृता को पद से हटा दिया गया है।
हरिद्वार रेंज का नया प्रभार अब आभा रतूड़ी को सौंपा गया है। यह कार्रवाई जांच अधिकारी अजय लिंगवाल की रिपोर्ट के आधार पर वन निदेशक राजीव धीमान द्वारा की गई। मामला 26 अप्रैल 2026 का है, जब राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज स्थित सुरेश्वरी देवी मंदिर परिसर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी प्रस्तावित थी।
शादी से पहले ट्रकों के माध्यम से टेंट, फर्नीचर, कूलर और अन्य सजावटी सामान मंदिर परिसर में पहुंचाया गया था। पूरे परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला विवादों में आ गया।
जिस स्थान पर शादी की तैयारी की जा रही थी, वह रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां शोर-शराबे वाले आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इस क्षेत्र में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA), न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सख्त गाइडलाइन लागू हैं। विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सारा सामान हटवा दिया और शादी को सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
कार्राई के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई की गई है। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने पहले कहा था कि उन्हें शादी के लिए उच्च स्तर से अनुमति मिली थी।
प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा ने कहा कि राजाजी टाइगर रिजर्व अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है।यदि जांच में अन्य अधिकारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।





