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धनपुरा की 'मौत वाली पुलिया' पर PWD की चुप्पी! क्या किसी बड़े हादसे होने का इंतजार कर रहा है विभाग?

बार-बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य; बारिश में गड्ढे में फंसे वाहन, हर गुजरते राहगीर की सांसें अटकीं शिव मंदिर पीठ बाजार मार्ग पर सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं, बैरिकेडिंग तक नहीं; ग्रामीणों ने कहा— हादसा हुआ तो जिम्मेदार होंगे PWD अधिकारी

धनपुरा की 'मौत वाली पुलिया' पर PWD की चुप्पी! क्या किसी बड़े हादसे होने का इंतजार कर रहा है विभाग?
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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- हरिद्वार ग्रामीण। ग्राम पंचायत धनपुरा के शिव मंदिर पीठ बाजार के समीप स्थित मुख्य सड़क की पुलिया आज सरकारी लापरवाही की जीती-जागती तस्वीर बन चुकी है। पुलिया के बीच बना गहरा गड्ढा हर दिन सैकड़ों लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि स्थानीय ग्रामीण कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न मरम्मत हुई, न बैरिकेडिंग लगाई गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी शिकायतें सुन तो रहे हैं, लेकिन उन पर अमल करने की कोई इच्छा दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या PWD किसी मासूम की जान जाने के बाद ही अपनी जिम्मेदारी निभाएगा?

यह सड़क धनपुरा, आसपास के गांवों और शिव मंदिर पीठ बाजार को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन छात्र, किसान, व्यापारी, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे इसी रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद विभाग की उदासीनता लोगों के गुस्से का कारण बनी हुई है।

बारिश ने इस खतरे को और भी भयावह बना दिया। हल्की बारिश के बाद पुलिया का गहरा गड्ढा पानी से भर गया, जिससे उसकी गहराई दिखाई देना बंद हो गई। परिणामस्वरूप कई मोटरसाइकिल और अन्य वाहन उसमें फंस गए। कुछ चालक गिरते-गिरते बचे और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर वाहनों को बाहर निकाला। यदि उस समय तेज रफ्तार वाहन या स्कूली बच्चे वहां होते, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद सलीम ने कहा कि कई बार विभाग को इस खतरे से अवगत कराया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में इस पुलिया पर कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित PWD अधिकारियों और विभाग की होगी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिया की तत्काल मरम्मत कराई जाए और तब तक मौके पर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड तथा रात्रि में प्रकाश की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।

जनता का कहना है कि सरकारी विभागों का काम हादसों के बाद औपचारिकताएं निभाना नहीं, बल्कि समय रहते हादसों को रोकना है। अब देखना यह है कि PWD इस खबर के बाद जागता है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता है।

 

जनता का सीधा सवाल है— क्या PWD किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा, या फिर समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाएगा? अब जवाब विभाग को देना होगा।

 

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जनता के सवाल, जिनका जवाब PWD को देना होगा

शिकायत मिलने के बाद भी अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

पुलिया पर सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

क्या विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जागेगा?

यदि कल कोई जान चली जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
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