Mon. Jun 29th, 2026 12:59:55 AM
Latest News
ग्राम ठसका में सुराज सेवा दल का भव्य सदस्यता ग्रहण समारोह, विनोद राणा के नेतृत्व में सैकड़ों लोग संगठन से जुड़े   •   इमाम हसन-हुसैन की याद में धनपुरा और घिस्सुपुरा में लगे रक्तदान शिविर, सैकड़ों लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान   •   हसन-हुसैन की याद में धनपुरा में 26 जून को विशाल रक्तदान शिविर, मानव सेवा की मुहिम में शामिल होने की अपील   •   पिरान कलियर पहुंचे मौलाना अरशद मदनी, अमन-भाईचारे और शिक्षा का दिया पैगाम   •   सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सुराज सेवादल का हल्ला बोल, रुड़की तहसील में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन ग्राम ठसका में सुराज सेवा दल का भव्य सदस्यता ग्रहण समारोह, विनोद राणा के नेतृत्व में सैकड़ों लोग संगठन से जुड़े   •   इमाम हसन-हुसैन की याद में धनपुरा और घिस्सुपुरा में लगे रक्तदान शिविर, सैकड़ों लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान   •   हसन-हुसैन की याद में धनपुरा में 26 जून को विशाल रक्तदान शिविर, मानव सेवा की मुहिम में शामिल होने की अपील   •   पिरान कलियर पहुंचे मौलाना अरशद मदनी, अमन-भाईचारे और शिक्षा का दिया पैगाम   •   सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सुराज सेवादल का हल्ला बोल, रुड़की तहसील में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

केरल में कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है। केरल को मिला नया मुख्यमंत्री, वी. डी. सतीशन के नाम पर मुहर

लंबे मंथन के बाद कांग्रेस ने किया ऐलान, UDF की बड़ी जीत के बाद सतीशन संभालेंगे कमान

केरल में कांग्रेस को बड़ी राजनीतिक सफलता मिली है। केरल को मिला नया मुख्यमंत्री, वी. डी. सतीशन के नाम पर मुहर
🔊 Listen to News
Speed: 1x
⚠️ Your browser does not support Text-to-Speech. Please try Chrome, Edge, or Safari.

(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- केरल में चुनाव प्रचार के दौरान सतीशन ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए कहा था कि यदि UDF गठबंधन 100 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया, तो वह सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद UDF ने स्पष्ट बहुमत हासिल करते हुए 100 से अधिक सीटें जीत लीं, जिससे सतीशन का दावा सही साबित हुआ।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सतीशन की आक्रामक विपक्षी शैली, जनता के मुद्दों पर लगातार सक्रियता और संगठन पर मजबूत पकड़ इस जीत की बड़ी वजह रही। हालांकि शानदार प्रदर्शन के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सहमति बनने में थोड़ा समय लगा। कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे, जिसके चलते फैसला कुछ दिनों तक टला रहा।


दिल्ली में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों और मंथन के बाद आखिरकार वी. डी. सतीशन के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई।

विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कांग्रेस के लिए केरल की राजनीति में नई शुरुआत साबित हो सकता है। अब सतीशन के सामने चुनावी वादों को पूरा करने, सरकार को स्थिर नेतृत्व देने और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

0

Comment As:

Comment (0)