हजरत बाबा गरीब शाह साबरी के पीरो-मुर्शिद की याद में 23 मोहर्रम पर उर्स व चादरपोशी का आयोजन
मदरसा गुलज़ारे फरीद से सज्जादा नशीन बाबा रमजान साबरी के नेतृत्व में निकला भव्य चादर जुलूस, बड़ी संख्या में उमड़े अकीदतमंद
- By गुलज़ार अहमद --
- Friday, 10 Jul, 2026
Global Star News
(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- पिरान कलियर, हरिद्वार। 23 मोहर्रम के अवसर पर हजरत बाबा गरीब शाह साबरी के पीरो-मुर्शिद हजरत ख्वाजा गुलाम मोइनुद्दीन हसन गोरी सखी रहीमुद्दीन सरकार की याद में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़े ही श्रद्धा, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ उर्स शरीफ एवं चादरपोशी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दूर-दराज़ से आए हजारों अकीदतमंदों ने कार्यक्रम में शिरकत कर मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली और इंसानियत की भलाई के लिए दुआएं मांगीं।
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसा गुलज़ारे फरीद से हुई, जहां से सज्जादा नशीन हजरत बाबा रमजान साबरी के नेतृत्व में भव्य चादर जुलूस रवाना हुआ। जुलूस सबसे पहले हजरत इमाम मोहम्मद अबू सालेह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर पहुंचा, जहां चादर पेश की गई। इसके बाद जुलूस हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर पहुंचा, जहां अकीदतमंदों ने पूरे अदब व एहतराम के साथ चादरपोशी की।
जुलूस के दौरान अकीदतमंद नात, मनकबत और दरूद-ओ-सलाम का नजराना पेश करते हुए चलते रहे। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शरबत और लंगर की व्यवस्था कर जायरीन की सेवा की।
दरगाह शरीफ में फातिहाख्वानी, कुरआनख्वानी और विशेष दुआ का आयोजन किया गया, जिसमें देश की तरक्की, आपसी भाईचारे, शांति और मानवता की भलाई के लिए सामूहिक दुआएं की गईं।
इस अवसर पर सज्जादा नशीन बाबा रमजान साबरी ने अपने संबोधन में कहा कि सूफी संतों की शिक्षाएं प्रेम, सेवा, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं। उन्होंने सभी लोगों से सूफी संतों की शिक्षाओं को अपनाकर समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखने की अपील की।
उर्स में दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद पहुंचे। आयोजन समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक दुआ और लंगर वितरण के साथ हुआ।
इस अवसर पर मोहसीन अली, गुलाम फरीद साबरी, मुदस्सिर हुसैन साबरी, गुलाम साबिर, आकिल त्यागी, छोटा हाफिज इनाम साबिर, राव इरफान खान, सूफी मोहम्मद आरिफ साबरी, पिरानी दिल्ली, आरिश दिल्ली, इरफान नोमानी साबरी, तसलीम मलिक, सलमान, मौसम अली उर्फ बारू सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे।





