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4 जून की अफवाह निकली गलत, 3 जून को शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले में उमड़ा जनसैलाब

3 जून को उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, 4 जून की चर्चाएं हुईं बेअसर; जाम, कारोबार और व्यवस्थाओं को लेकर उठे कई सवाल

4 जून की अफवाह निकली गलत, 3 जून को शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले में उमड़ा जनसैलाब
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Global Star News 

(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- पथरी। हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले में मंगलवार 3 जून को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरे क्षेत्र में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। श्रद्धालुओं और जायरीनों की भारी भीड़ के चलते मेले का पूरा परिसर देर रात तक गुलजार रहा। हालांकि भारी भीड़ के कारण आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई और हजारों लोगों को घंटों जाम में फंसकर परेशानी झेलनी पड़ी।

पार्किंग व्यवस्था बनी जाम की बड़ी वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले से पूर्व पार्किंग व्यवस्था को लेकर कई सुझाव दिए गए थे। क्षेत्रवासियों ने मांग की थी कि वाहनों की पार्किंग मेले से कुछ दूरी पर विभिन्न मार्गों पर बनाई जाए, जिससे मुख्य मार्गों पर दबाव कम रहे। लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मेले के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा क्षेत्र जाम की चपेट में आ गया।

फसलों को नुकसान से किसान चिंतित

मेले में उमड़ी भीड़ और वाहनों की आवाजाही का असर किसानों पर भी पड़ा। कई किसानों ने आरोप लगाया कि पार्किंग और भीड़ के कारण उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि पहले से बेहतर प्रबंधन किया जाता तो खेती और यातायात दोनों प्रभावित होने से बच सकते थे।

4 जून को मेला भरने की चर्चा साबित हुई निराधार

मेला 31 मई से प्रारंभ हो चुका था, लेकिन सोशल मीडिया और क्षेत्र में यह चर्चा तेजी से फैल गई थी कि मेले का मुख्य आयोजन 4 जून को होगा। इस अफवाह के कारण शुरुआती दिनों में अपेक्षित संख्या में श्रद्धालु और खरीदार मेले में नहीं पहुंच सके। कई दुकानदारों का कहना है कि 31 मई से 2 जून तक कारोबार प्रभावित रहा और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

हालांकि 3 जून को उमड़ी भारी भीड़ ने इन सभी चर्चाओं को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।

व्यापारियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

3 जून को रिकॉर्ड भीड़ पहुंचने से दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी संचालकों और छोटे व्यापारियों को अच्छी आमदनी हुई। मेले में लगी दुकानों, झूलों और खान-पान के स्टालों पर देर रात तक लोगों की भीड़ बनी रही, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे।

मौ. सलीम ने की पुलिस प्रशासन की सराहना

मेले में जल सेवा शिविर संचालित कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम ने भारी भीड़ के बावजूद शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी बड़ी अप्रिय घटना या विवाद की सूचना नहीं मिली, जो पुलिस की सतर्कता और मेहनत का परिणाम है।

मेला अधिकारी से संवाद न होने की शिकायत

कुछ दुकानदारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी शिकायत की कि उन्होंने विभिन्न समस्याओं को लेकर कई बार मेला अधिकारी एवं एसडीएम से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। लोगों का मानना है कि बड़े आयोजनों के दौरान प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

मेले की अवधि बढ़ाने की मांग चर्चा में

क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मेला ठेकेदार ने प्रशासन से मेले की अवधि दो दिन बढ़ाने का अनुरोध किया है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यदि मेले की अवधि बढ़ाई जाती है तो व्यापारियों और दुकानदारों को अतिरिक्त व्यापारिक लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर, समय न बढ़ने की स्थिति में कुछ व्यापारियों को नुकसान की आशंका बनी हुई है।

अफवाहों पर भारी पड़ी आस्था

फिलहाल श्रद्धालुओं, व्यापारियों और क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं। लेकिन 3 जून को उमड़ी भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि तमाम चर्चाओं और अफवाहों के बावजूद हजरत शाह मोहम्मद शाह काठा पीर मेले के प्रति लोगों की आस्था, श्रद्धा और उत्साह आज भी पूरी मजबूती के साथ कायम है।

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1. 3 जून को काठा पीर मेले में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, 
    4 जून को मेला भरने की चर्चाएं गलत साबित हुईं।

2.  श्रद्धालुओं और जायरीनों की भारी संख्या के कारण 
      कई किलोमीटर लंबा जाम लगा, लोगों को घंटों 
      परेशानी झेलनी पड़ी।

3. पार्किंग व्यवस्था की कमी को जाम का प्रमुख कारण 
    बताया गया, स्थानीय लोगों ने बेहतर प्रबंधन की मांग
    उठाई।

4.  भारी भीड़ से व्यापारियों, दुकानदारों और रेहड़ी-
      पटरी संचालकों को अच्छा लाभ मिला, देर रात तक
      बाजारों में रौनक रही।

5. मौ. सलीम ने पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए 
    कहा कि भारी भीड़ के बावजूद मेले में शांति 
    एवं कानून व्यवस्था बनी रही।
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