नशे का कुख्यात तस्कर पीरपुरा निवासी सलमान आखिरकार पुलिस के शिकंजे में, पीआईटी-एनडीपीएस कार्रवाई के बाद हुई गिरफ्तारी
गैंगस्टर, एनडीपीएस समेत 11 गंभीर मुकदमों का आरोपी, पहले भी 1.10 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ एसटीएफ कर चुकी है गिरफ्तार
- By गुलज़ार अहमद --
- Friday, 10 Jul, 2026
Global Star News
(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- मंगलौर, हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना कुख्यात नशा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर सलमान पुत्र जहांगीर, निवासी पीरपुरा, कोतवाली मंगलौर, आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी के खिलाफ पहले से ही पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी और वह लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक देहात शेखर चंद्रावल के निर्देशन में आरोपी के विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को भेजी गई थी। शासन स्तर पर कार्रवाई के बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था।
आखिरकार एसओजी प्रभारी निरीक्षक रवींद्र शाह और प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सीआईयू रुड़की के सहयोग से आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और अन्य स्थानों पर लगातार छापेमारी की। 9 जुलाई को मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सलमान को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार सलमान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर, बीएनएस तथा अन्य गंभीर धाराओं में कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद वह लगातार अवैध नशा कारोबार में सक्रिय था। इससे पहले भी एसटीएफ ने उसे कोर कॉलेज के पास से लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि समाज को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे:
इस सफल अभियान का नेतृत्व एसओजी/सीआईयू रुड़की के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र शाह एवं कोतवाली मंगलौर के प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह मेहर ने किया। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल मान, उपनिरीक्षक वाजिंदर सिंह नेगी, अपर उपनिरीक्षक अश्विनी यादव (सीआईयू रुड़की), हेड कांस्टेबल सुदेश, हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी (सीआईयू रुड़की), कांस्टेबल रणवीर, कांस्टेबल तेजपाल, कांस्टेबल आशीष (सीआईयू रुड़की), कांस्टेबल अजय काला (सीआईयू रुड़की), कांस्टेबल रवींद्र खत्री (सीआईयू रुड़की) तथा कांस्टेबल राहुल नेगी (सीआईयू रुड़की) शामिल रहे।





