Global Star News
(रिपोर्ट:- गुलज़ार अहमद)- हरिद्वार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हरिद्वार के नेतृत्व में सोमवार को राजकीय महाविद्यालय मरगूबपुर, हरिद्वार में अंग्रेजी एवं अर्थशास्त्र विषयों के अध्यापकों की नियुक्ति की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में लंबे समय से रिक्त चल रहे इन दोनों विषयों के अध्यापक पदों पर शीघ्र नियुक्ति किए जाने की मांग उठाई।
धरना प्रदर्शन में छात्रसंघ अध्यक्ष असरा, छात्रसंघ सचिव सना प्रवीन, महाविद्यालय के प्रथम छात्रसंघ अध्यक्ष अब्दुल्ला, प्रथम विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मोहम्मद उमर, छात्र नेता मोहम्मद शावेज, जीनत, फरीद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राओं का कहना था कि महाविद्यालय में अंग्रेजी एवं अर्थशास्त्र विषयों के अध्यापक उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। इस समस्या को लेकर छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों द्वारा कई बार महाविद्यालय की प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन लंबे समय से नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यार्थियों में नाराजगी थी।
इसी क्रम में लगभग चार से पांच दिन पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य को एक लिखित पत्र सौंपते हुए दोनों विषयों में अध्यापकों की नियुक्ति की मांग प्रमुखता से उठाई थी। प्राचार्य ने विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पत्र को आवश्यक कार्रवाई के लिए निदेशालय भेज दिया था।
सोमवार को छात्र-छात्राओं ने अपनी मांग को लेकर महाविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी का अधिकार है और अध्यापकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोनों विषयों में जल्द से जल्द अध्यापकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि शिक्षण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
धरना प्रदर्शन के कुछ समय बाद महाविद्यालय की प्राचार्य ने छात्रसंघ पदाधिकारियों से वार्ता की। इस दौरान प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि अंग्रेजी एवं अर्थशास्त्र विषयों के अध्यापकों की नियुक्ति जल्द की जाएगी। उन्होंने छात्रसंघ पदाधिकारियों को यह भी जानकारी दी कि नियुक्ति के संबंध में निदेशालय से आदेश प्राप्त हो चुका है।
प्राचार्य द्वारा दी गई जानकारी के बाद छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों विषयों के अध्यापकों की नियुक्ति होगी, जिससे महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार आएगा और विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
छात्र-छात्राओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध करना नहीं, बल्कि महाविद्यालय में बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना और विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना है।