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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- हरिद्वार ग्रामीण | फेरूपुर।-फेरूपुर से धनपुरा जाने वाले मार्ग पर सरकारी स्कूल के सामने बिजली का तार जमीन से महज चार फीट ऊपर लटकने का मामला सामने आया है। बिजली की लाइन की इस खतरनाक स्थिति से स्कूली बच्चों, राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
मौके की तस्वीरें भी सड़क के आसपास नीचे लटकते तारों की स्थिति को उजागर कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा या समय रहते इस खतरे को दूर करने के लिए कदम उठाएगा?
बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, ग्रामीण और वाहन चालक गुजरते हैं। ग्रामीण अपने पशुओं को लेकर भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। सड़क के ऊपर बिजली के तारों का इस तरह नीचे लटकना बेहद चिंताजनक है। यदि कोई व्यक्ति या पशु गलती से तार के संपर्क में आ जाए, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। बारिश और सड़क पर पानी भरा होने की स्थिति में भी लोगों की चिंता बढ़ जाती है।
सामाजिक कार्यकर्ता मौ, सलीम ने ऊर्जा निगम से की तत्काल कार्रवाई की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता मौ, सलीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा निगम के संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के सामने बिजली के तारों का इतनी कम ऊंचाई पर लटकना सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर विषय है। बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि तत्काल विभागीय टीम को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और बिजली की लाइन को निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए उचित एहतियाती कदम भी उठाए जाएं।
ऊर्जा निगम के उच्चाधिकारी तत्काल लें संज्ञान
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ता ने ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से अपील की है कि इस समस्या को सामान्य शिकायत समझकर नजरअंदाज न किया जाए। संबंधित उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता मामले का संज्ञान लेकर कर्मचारियों को तत्काल मौके पर भेजें और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
सवाल यह है कि जब सरकारी स्कूल के सामने ही बिजली के तार नीचे लटक रहे हैं, तो बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे को दूर किया जाए।
अब देखना होगा कि ऊर्जा निगम के अधिकारी इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और फेरूपुर के लोगों को इस खतरे से कब तक राहत मिलती है।