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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)
हरिद्वार। देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे जाली नोट छापने वाले एक संगठित गिरोह का हरिद्वार पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देशन में कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन समेत जाली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं।
पहले भी पकड़े गए थे आरोपी, पूछताछ में मिले अहम सुराग
पुलिस के अनुसार, 27 जून को श्यामपुर पुलिस ने 52,500 रुपये के नकली नोटों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले की गहन विवेचना और पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में 29 जून को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि कुछ आरोपी एक क्विड कार (संख्या UK-08BG-6798) में जाली नोट छापने से संबंधित उपकरणों और नकली नोटों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से बिजनौर की ओर जा रहे हैं।
लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचे आरोपी
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से एक लैपटॉप, एचपी और कैनन कंपनी के दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, 500 रुपये के चार असली नोट, 25 पेपर शीटों पर छपे करीब 50 हजार रुपये के नकली नोट तथा महात्मा गांधी के वॉटरमार्क वाली एक विशेष शीट बरामद की गई। बरामद नकली नोटों की कटिंग अभी बाकी थी।
ऑनलाइन मंगाए जाते थे विशेष कागज, सॉफ्टवेयर से तैयार होते थे नकली नोट
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। गिरोह के सदस्य गुलजार द्वारा ऑनलाइन विशेष प्रकार का कागज मंगाया जाता था, जबकि शगुन असली नोट की फोटो लेकर विभिन्न सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से उसकी गुणवत्ता बढ़ाता था, ताकि प्रिंट किए गए नोट असली जैसे दिखाई दें।
एक लाख रुपये के जाली नोट छापकर बाजार में खपाने का खुलासा
मुख्य आरोपी देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह और गुलजार इससे पहले बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट तैयार कर चुके थे, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के जाली नोट बाजार में चला दिए गए थे। अधिक मुनाफे के लालच में बाद में शिवम और शगुन को भी इस गिरोह में शामिल कर लिया गया।
देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की थी साजिश
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से जाली नोट तैयार कर देश की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश में लगा हुआ था। समय रहते गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक गतिविधि पर रोक लगाने में सफलता प्राप्त की है।
अवनी तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की बड़ी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवेंद्र कुमार निवासी सरदारपुर छामली, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उप्र), गुलजार अहमद निवासी टांडा सिक्कावाला, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उप्र) तथा शगुन जोशी निवासी लालढांग, थाना श्यामपुर, जिला हरिद्वार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई को प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक एवं प्रभारी कोतवाली श्यामपुर अवनी तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।