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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)-रुड़की। सरकारी भूमि पर लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ सुराज सेवादल ने मंगलवार को प्रशासन के समक्ष जोरदार विरोध दर्ज कराया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर रुड़की तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ को ज्ञापन सौंपते हुए सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
सरकारी भूमि पर बढ़ते कब्जों को लेकर जताई चिंता
सुराज सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। इससे सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की मांग
प्रदेश सचिव मोहम्मद इंतजार ने कहा कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भविष्य में सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। वहीं ग्राम नगला इमरती के प्रधान मोहम्मद खलील ने प्रशासन से लिखित मांग करते हुए कहा कि गांव में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की जांच कर उन्हें तत्काल हटाया जाए।
ज्ञापन में प्रशासन से पूरे क्षेत्र की सरकारी भूमि का सर्वे कराने, अवैध कब्जों की पहचान करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी भूमि जनता की संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो सुराज सेवादल जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेठ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कराई जाएगी तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर गंभीर है और शिकायतों के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर ग्राम शिकारपुर प्रधान नौशाद अली, ग्राम नगला इमरती प्रधान मोहम्मद खलील, ग्राम पीरपुरा प्रधान मुजफ्फर अली, ग्राम टांडा प्रधान आलिम, ग्राम भावरी प्रधान अजय, ग्राम नगला इमरत प्रधान गजेंद्र, हाजी इसरार कमेलपुर, रहीस अहमद पिरान कलियर, साबिर राणा बुक्कनपुर, नफीस अहमद खटका, विनोद राणा खटका, गुफरान जलालपुर, इनाम डेरा, सुरेंद्र हरजौली जट, हक्कम अली घोसीपुरा, दिलशाद घोसीपुरा, नितिन कटारिया शिकारपुर, शेखर कटारिया शिकारपुर, डॉ. सतवीर शिकारपुर, सेहरान त्यागी बेडपुर, डॉ. सोनू कुमार बेडपुर, डॉ. हिफाजत पीरपुरा, नदीम पीरपुरा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।