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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- रुड़की/मंगलौर। हरिद्वार जनपद का ग्राम पीरपुरा इन दिनों नशा तस्करी के मामलों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। बीते दो दिनों में पुलिस द्वारा की गई लगातार कार्रवाइयों में गांव के दो युवकों की स्मैक के साथ गिरफ्तारी ने क्षेत्र में सक्रिय नशा नेटवर्क की आशंकाओं को बल दिया है। वहीं, इससे पहले भी इसी गांव का एक कथित नशा तस्कर करोड़ों रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को मंगलौर कोतवाली पुलिस ने अभियान के दौरान पीरपुरा निवासी मोइन को लगभग लाखों रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इसके अगले दिन 21 जून 2026 को कोतवाली पिरान कलियर पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए पीरपुरा निवासी अंकुश को लाखों रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार कर लिया। लगातार दो दिनों में एक ही गांव के दो लोगों की गिरफ्तारी ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों का ध्यान गांव की ओर केंद्रित कर दिया है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व एसटीएफ ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए पीरपुरा निवासी एक कथित नशा तस्कर को कोर कॉलेज फ्लाईओवर के पास से करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी आरोपी को जेल भेजा गया था। इसके अलावा गांव के कई अन्य लोगों के खिलाफ भी विभिन्न थानों में नशा तस्करी से संबंधित मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आती रही है।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या ग्राम पीरपुरा में स्मैक तस्करी का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को पूरे मामले की गहन जांच कर बड़े तस्करों और सप्लाई चेन तक पहुंचना चाहिए, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और किसी भी कीमत पर ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालिया गिरफ्तारियों के बाद पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, सप्लाई चैनल और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कठोर कार्रवाई के साथ-साथ नशा मुक्ति और जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाएं। लगातार हो रही बरामदगियों ने स्पष्ट कर दिया है कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।