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हरिद्वार-लक्सर रोड पर मौत को दावत देती 11 हजार वोल्ट लाइन, जमीन से महज 6 फुट ऊपर लटके तार

धनपुरा-पदार्था के बीच पेट्रोल पंप के पास गंभीर लापरवाही, किसानों, राहगीरों और पशुओं की जान पर मंडरा रहा खतरा

By Gulzar Ahmad | Saturday, 20 Jun 2026 Global Star News
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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)- धनपुरा/पदार्था,। हरिद्वार-लक्सर मुख्य मार्ग पर ग्राम धनपुरा और पदार्था के बीच स्थित एक पेट्रोल पंप के निकट बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। यहां एक कृषि भूमि के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन असामान्य रूप से नीचे झूल रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर तार जमीन से लगभग 6 फुट की ऊंचाई तक पहुंच गए हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

यह क्षेत्र मुख्य सड़क के समीप स्थित है, जहां दिनभर वाहनों, किसानों और ग्रामीणों की आवाजाही बनी रहती है। खेतों में कृषि कार्य के दौरान किसान अक्सर ऊंचे कृषि उपकरणों और मशीनों का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में हाईटेंशन लाइन का इतनी कम ऊंचाई पर होना मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही भी होती रहती है। यदि कोई पशु या व्यक्ति अनजाने में इन तारों के संपर्क में आ जाए तो जानलेवा दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

बताया जा रहा है कि 19 जून को मौके से गुजर रहे कुछ लोगों ने इस खतरनाक स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद देर शाम तक कोई तकनीकी टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

विशेषज्ञों के अनुसार 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना अनिवार्य है। ऐसे में मुख्य मार्ग और कृषि क्षेत्र के बीच हाईटेंशन लाइन का इस प्रकार नीचे झूलना सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी माना जा सकता है।

स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों, जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौके का शीघ्र निरीक्षण कर लाइन को निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई पर स्थापित कराया जाए, ताकि किसी भी संभावित जनहानि या पशुहानि को रोका जा सके।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई और कोई दुर्घटना घटित हुई, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।

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