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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)-मंगलौर। क्षेत्र के ग्राम कासमपुर की एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के मायके पक्ष ने पति, जेठ और अन्य ससुराल वालों पर ज़हर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, उपचार के दौरान महिला द्वारा मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के सामने दिए गए कथित बयान ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कासमपुर निवासी मंजूर उर्फ काला की पुत्री का विवाह करीब आठ वर्ष पूर्व ग्राम पीरपुरा निवासी सलमान पुत्र मजाहिर, थाना कोतवाली मंगलौर, जिला हरिद्वार के साथ हुआ था। परिजनों के मुताबिक, विवाह के कई वर्षों बाद भी संतान न होने को लेकर ससुराल में अक्सर विवाद और तनाव बना रहता था। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाहिता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती
बताया गया कि 17 मई की शाम अचानक विवाहिता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे रुड़की के विनय विशाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मायके पक्ष का आरोप है कि पति सलमान, जेठ जहांगीर और अन्य ससुराल वालों ने उसे ज़हर देकर मारने की कोशिश की।
परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान विवाहिता ने तहसीलदार मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के सामने बयान देते हुए आरोप लगाया कि उसे उसके पति सलमान, जेठ जहांगीर और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों ने ज़हर दिया है। महिला ने यह भी कहा कि यदि उसकी मौत हो जाती है तो इसके जिम्मेदार उसके पति, जेठ और ससुराल वाले होंगे।
इलाज के दौरान हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम
इलाज के दौरान विवाहिता की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल तथा पुलिस थाने पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयान के आधार पर होगी कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मृतका के कथित बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते महिला की शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।