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(रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद)-हरिद्वार। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 72 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 38 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया।
राजस्व, जलभराव और सड़क समस्याएं प्रमुख
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और सड़क जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। रोहालकी किशनपुर के ग्रामीणों ने ग्राम सभा की भूमि पर पड़े कूड़े-कचरे को हटाने की मांग उठाई। वहीं कई फरियादियों ने राशन कार्ड, भूमि पैमाइश, सड़क मरम्मत और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं।
पथरी रेलवे स्टेशन स्थित सैनिक कॉलोनी निवासी प्रवीण शर्मा ने क्षेत्र में संचालित एक स्लीपर कंपनी से हो रहे ध्वनि प्रदूषण और धूल-मिट्टी की समस्या को अधिकारियों के सामने रखा। वहीं हाईवे ग्रीन निवासी रितेश सिंह ने रामानंद कॉलेज से इक्कर पटरी मार्ग की जर्जर हालत को लेकर सड़क निर्माण की मांग की। इसके अलावा अत्मलपुर बौंगला और रोहालकी क्षेत्र में जलभराव से लगभग 1000 बीघा भूमि प्रभावित होने का मामला भी जनसुनवाई में प्रमुखता से उठा।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने दोबारा आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी की। समीक्षा में पाया गया कि 36 दिनों से अधिक समय से कई शिकायतें लंबित हैं। एल-1 स्तर पर 557 और एल-2 स्तर पर 134 शिकायतें लंबित मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर संपर्क कर समस्याओं का समाधान करें और सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी मौजूद रहे।