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हुंकार: रुड़की में किसानों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू (रोड) ने तहसील घेरा

सरकार को चेतावनी — मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर में होगा उग्र आंदोलन, सैकड़ों किसान संगठन से जुड़े

By गुलज़ार अहमद | Sunday, 10 May 2026 Global Star News
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रिपोर्ट: गुलज़ार अहमद 

रुड़की। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (रोड) ने रुड़की तहसील में बड़ा प्रदर्शन किया। भारी संख्या में पहुंचे किसानों ने तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भाकियू (रोड) के कार्यकर्ता और किसान रुड़की तहसील पहुंचे, जहां उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे किसान आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सैकड़ों किसानों ने भाकियू (रोड) की सदस्यता भी ग्रहण की।

इस मौके पर किसानों ने “उत्तराखंड के किसानों की ताकत पदम सिंह रोड हैं” जैसे नारों के साथ संगठन के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि संगठन लगातार किसानों की आवाज बुलंद कर रहा है और उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है।

भाकियू (रोड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदम सिंह रोड ने कहा कि किसानों के मुद्दों को हर स्तर पर उठाया जाएगा और किसी भी किसान के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।

प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने कहा कि किसान आज बिजली, पानी, फसल भुगतान, गन्ना मूल्य समेत कई मूलभूत समस्याओं से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाकियू (रोड) किसानों के हक की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा और किसानों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

प्रदेश सचिव प्रदीप त्यागी ने कहा कि संगठन गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि यह लड़ाई किसानों के सम्मान, अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई है। किसान नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा।

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