
रिपोर्ट:- गुलज़ार अहमद
पिरान कलियर, कलियर शरीफ में हज़रत बाबा गुलाम जिलानी साबरी रहमतुल्लाह अलैह का तीन रोज़ा सालाना उर्स बड़े ही अकीदत और शान-ओ-शौकत के साथ जारी है। इस मुबारक मौके पर देश के कोने-कोने से मुरीदीन और अकीदतमंद बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और फैज़ हासिल कर रहे हैं।
हज़रत बाबा गुलाम जिलानी साबरी रहमतुल्लाह अलैह, हज़रत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह के फिदा-ए-औलिया और सच्चे आशिक-ए-मखदूम साबिर पाक थे। उर्स के दौरान आज लंगर-ए-आम का एहतिमाम किया गया, जिसमें हजारों जायरीनों ने शिरकत की।
दरगाह साबिर पाक से चादर का जुलूस निकाला गया, जो दरगाह हज़रत बाबा गुलाम जिलानी साबरी पहुंचा। यहां गुस्ल शरीफ और चादर पेश की गई, जिसके बाद बड़ी रोशनी का प्रोग्राम भी अकीदत के साथ आयोजित किया गया।
यह तमाम प्रोग्राम ख्वाजा हाफिज सैय्यद मेराज हुसैन साबरी (सज्जादा नशीन, दरगाह ख्वाजा शम्सुद्दीन तुर्क पानीपती) और चेयरमैन, अंजुमन गुलामान-ए-चिश्तिया साबरिया वेलफेयर सोसाइटी, दरगाह शाह विलायत, पानीपत की सरपरस्ती में बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ।
उर्स का इंतेज़ाम अंजुमन गुलामान-ए-चिश्तिया साबरिया वेलफेयर सोसाइटी (रजि०), दरगाह शाह विलायत साहब, सनौली रोड, पानीपत (हरियाणा) द्वारा किया गया। हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से आए अकीदतमंदों ने अपने-अपने स्तर पर लंगर चलाए और सबील लगाकर मेहमानों के लिए पानी और खाने-पीने का बेहतरीन इंतज़ाम किया।
उर्स में बड़ी संख्या में जायरीनों ने शिरकत कर रूहानी फैज़ हासिल किया। सज्जादा नशीन ख्वाजा हाफिज मेराज हुसैन साबरी और उनकी सोसाइटी ने सभी अहले वतन, जायरीनों और अकीदतमंदों का दिल से खैरमकदम करते हुए उर्स की मुबारकबाद पेश की।