
पिरान कलियर:(गुलज़ार अहमद)पिरान कलियर नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। स्थानीय जनता का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके सहयोगी गरीबों का राशन खा रहे हैं और अपनी मनमर्जी पर उतारू हैं। अनपढ़ राजा बेहाल प्रजा, इसी कारण नगर पंचायत की कमान बाहरी घुसपैठियों के हाथों में है और इनके सहयोगी नगर पंचायत ईओ और मुख्य लेखाकार की सांठ गांठ से नगर पंचायत में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है।
नगर पंचायत द्वारा कराए गए कार्यों में घटिया सामग्री और मानक के विपरीत काम किया गया है। इस्टीमेट के 50% भी लागत नहीं लगाई गई है। नगर पंचायत ईओ को दिए पत्र के माध्यम से मांग की गई थी कि जो भी कार्य कराए गए हैं उनकी पहले निष्पक्ष जांच हो, लेकिन ईओ ने ऐसा नहीं किया और कराए गए कार्यों की बिना जांच कराए ही पैमिट कर दिए गए हैं।
इस मामले में नगर पंचायत ईओ को दिए पत्र को लेकर और जांच की मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलेगा और उक्त मामले की जांच कराकर नगर पंचायत में हो रही भ्रष्टाचार पर कार्यवाई की मांग करेगा। सुराज सेवा दल के प्रदेश सचिव और पीरपुरा प्रधान के नेतृत्व में भी एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित से मिलेगा और नगर पंचायत में हो रही भ्रष्टाचार को लेकर एक ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगा।
नगर पंचायत बोर्ड के कुछ सभासद गणों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके सहयोगी नगर पंचायत में भ्रष्टाचार करने और अपनी मनमर्जी पर उतारू हैं, जिससे जनता में उनकी छवि धूमिल हो रही है। सभासद गण इनके खिलाफ लामबंद होना शुरू हो गए हैं और नगर पंचायत अध्यक्ष और बाहरी घुसपैठियों की भ्रष्टाचार की चर्चा क्षेत्र में व्याप्त है।